Uncategorized
Trending

नारित्व संघर्ष और सम्मान

काव्य :

जीवन में होता है इनका अस्तित्व ,

समाज के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण नारीत्व।

जब जब होता नारियों के साथ अत्याचार।

तब तब होता न्यायालय में विचार।।

राजस्थान में बने बड़े-बड़े नियम।

जिससे होता नारियों के जीवन में संयम।।

महिलाओं का शोषण :-

बेटियों के साथ होता अन्याय।

गुहार के लिए है संविधान में न्याय।।

आओ मिलकर आवाज़ उठाएं।

बेटियों के भविष्य को उज्जवल बनाएं।।

शरीर नहीं है एक खिलौना।

आवाज उठाएं नहीं है रोना।।

महिलाओं की दुर्दशा :-

महिलाओं की दुर्दशा बदलने में एकजुट होना होगा।

अधिकारों की रक्षा हेतु मिलकर प्रयास करना होगा।।

नारी जीवन को उन्मुक्त बनाएं ।

उनके सम्मान और सुरक्षा हेतु अभियान चलाएं।।

महिलाओं की आर्थिक स्थिति

पढ़ा लिखा कर स्वालंबन बनाएं।

आर्थिक संकटों से उन्हें बचाए।।

जीवन में राहें बनेगी आसान।

जिससे मिले नारियों को सम्मान।।

निर्भरता से जीना उन्हें सीखलाएंगे।

कठिनाइयों से भी लड़ना उन्हें बतलाएंगे।।

महिलाओं की और सुविधा एवं संघर्ष :-

नारी जीवन में आती कई चुनौतियां।

मायका छोड़ जाती ससुराल होते नाती पोतीयां।

जीवन संघर्षों से ही बनता

नारी जीवन यूं ही चलता रहता।

संघर्षों से ना घबराती वो।

जीवन के लहरों से टकराती वो।।

नारियों के संघर्ष को समझना होगा।

उनकी समस्याओं का समाधान भी करना होगा।।

सद्बुद्धि समृद्धि संपत्ति है नारी में समाहित।

नारी जीवन संघर्षों से लड़कर होता प्रवाहित।

नारी का स्थान और सम्मान :-

समाज की है वह आधारशिला।

परिवार की बुनती है वह माला।।

नारी बिना है अधूरा जीवन ।

उनके सहयोग से ही बनता तन मन धन।।

नारी की शक्ति नारी ही ज्ञान।

हर रिश्ते की है वह पहचान।।

मां बहन पत्नी की रूप में करती समाज का निर्वाण।

मिलजुल कर करें एक महान भारत का निर्माण।।

नारी का करें सम्मान।।

समाज में बढ़ाएं उनका स्वाभिमान।।

“नारी ही जीवन का आधार है”

  • श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर विकास खंड सरायपाली जिला महासमुंद (छ .ग .)

काव्य
“”नारीत्व””

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *