
नारी तुम नारी हो, तुम शक्ति हो,
तुम ही हो जो जीवन को सजाती हो।
तुम खुद लिए लड़ती हो और आवाज उठाती हो,
तुम ही हो जो समाज को बदलती हो।
तुम माँ हो, बहन हो, बेटी हो,
तुम जीवन की हर भूमिका में हो।
तुम शक्ति हो, तुम साहस हो,
तुम ही हो जो हर चुनौती का सामना करती हो।
तुम आजाद हो, तुम स्वतंत्र हो,
तुम अपने निर्णय खुद लेती हो।
तुम ही हो जो अपने सपनों को पूरा करती हो,
तुम ही हो जो समाज को आगे बढ़ाती हो।
नारी तुम नारी हो, तुम शक्ति हो,
तुम ही हो जो जीवन को सजाती हो।
महिला शक्ति है, महिला ऊर्जा है,
महिला जीवन की हर दिशा में है।
महिला माँ है, बहन है, बेटी है,
महिला जीवन की हर भूमिका में है।
महिला साहस है, महिला शक्ति है,
महिला अपने अधिकारों के लिए लड़ती है।
महिला स्वतंत्र है, महिला आजाद है,
महिला अपने निर्णय खुद लेती है।
महिला जीवन की हर चुनौती का सामना करती है,
महिला हर मुश्किल को आसान बनाती है।
जय हिंद जय भारत
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला ‘अमन’ सनातनी
सावनेर नागपुर महाराष्ट्र










