
— ओमपाल सिंह
सोच अगर छोटी हो,
तो आसमान भी कम लगता है,
सोच अगर बड़ी हो,
तो एक चिंगारी भी सूरज बन जाती है।
मैंने देखा है लोगों को
किस्मत को कोसते हुए,
पर सच तो यह है कि
किस्मत भी उसी के दरवाज़े पर आती है
जिसकी सोच में हिम्मत होती है।
सोच ही वह बीज है
जिससे सपनों का पेड़ उगता है,
और मेहनत की धूप पाकर
वही पेड़ एक दिन इतिहास बनता है।
दुनिया कहती रही —
“यह मुश्किल है, यह नामुमकिन है”,
पर मेरी सोच ने कहा —
“रास्ता नहीं है तो बना लेंगे।”
क्योंकि
इंसान की पहचान उसके कपड़ों से नहीं,
उसकी सोच की ऊँचाई से होती है।
तो सोचो ऐसा
कि दुनिया सोचने पर मजबूर हो जाए,
चलो ऐसे
कि मंज़िल खुद रास्ता पूछने आ जाए।
और याद रखो —
सोच अगर सच्ची और मजबूत हो,
तो एक साधारण इंसान भी
एक दिन दुनिया की मिसाल बन जाता है।










