
चंदन है इस देश की माटी,
जल गंगा का पावन है।2
नमन करो इस मातृभूमि को,
यह भारत देश हमारा है ।।2,2
मानव धर्म यहां का देखो,
अति प्राचीन निराला है ।2
देव संस्कृति यहां की देखो,
जन जन को अति प्यारी है।।2
तन मन धन मानव का देखो ,,
परम पवित्र सुहाना है,,,।।2
नमन करो इस मातृभूमि को यह भारत देश हमारा है,,
चंदन है इस देश की माटी जल गंगा का पावन है,।।2
जीवन शैली यहां की देखो,
संस्कारों में ढाली है,,।2
गरिमा है, यहां वृद्ध जनों की,,,
नीज जीवन से न्यारी है,,।।2
मां की ममता को तो देखो,
प्राणों से भी प्यारी है,,,।
नमन करो इस मातृभूमि को यह भारत देश हमारा है2
चंदन है इस देश की माटी जल गंगा का पावन है,।।2
लाज शर्म है ,यहां घरों में,
शीलगुण धर्म निराला है,,।
सदाचरण है ,यहां आपस में,,
धर्मनिष्ठ जनजीवन है,,,
ऐसे समृद्ध राष्ट्र भारत को
शत शत नमन हमारा है।।
नमन करो इस मातृभूमि को यह भारत देश हमारा है,, ।।2
चंदन है इस देश की माटी जल गंगा का पावन है,,।।2
राष्ट्रधर्म यहां का देखो जन-जन में जो समाया है,।
खुद से पहले जो राष्ट्र देखते,,
निज जीवन से प्यारा है,,,
सर्वस्व देश हित देते ऐसा,
राष्ट्र प्रेम यहां का है,,।।
नमन करो इस मातृभूमि को यह भारत देश हमारा है,,2
चंदन है इस देश की मां की जल गंगा का पावन है,,।।2
वसुदेव कुटुंबकम का
चिंतन यहां निराला है।
हर मानव दुनिया का यहां पे प्राणों से भी प्यारा है, ,,,
सभी देवगन यहां आने को आतुर रहते,,
स्वर्ग से भी अति पावन पवित्र,,
ऐसा यहभारत देश हमारा है,,
नमन करो इस मातृभूमि को यह भारत देश हमारा है,,।।2
चंदन है इस देश की माटी जल गंगा का पावन है,,।।2,2
राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर ,
मध्य प्रदेश










