
वतन पर कुरबान हो गये
रब से मिली छोटी सी उम्र भी होम गये
जज़्बा आप तीनो का दुनियाँ को हिला गया
गुलाम भारत मे आजादी का डन्का बजा गया
चाह कुछ ना थी सिवा देश की आजादी के
लक्ष्य आपने लडा बस अंग्रेजों की बरबादी के
भारत माँ के लाल थे
भगत सिंह सुखदेव राजगुरु आप कमाल थे
जब जब आजादी के तराने छिड़ेंगे आप बहुत याद आयेंगे
शहादत दिवस पर देश को सिरमौर बनाने की कसमें खायेंगे
भगत सिंह राजगुरु सुखदेव आपको शीश नवा प्रणाम है
असली आजादी के हीरो आपसे ही देश का मान है।
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र










