
शहीदों की याद में आज हम खड़े हैं,
देश की रक्षा में उन्होंने अपनी जान दी है।
वतन की मातृभूमि की खातिर,
उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया है।
गुलामी की जंजीरें तोड़ने के लिए,
उन्होंने अपने खून से इतिहास लिखा है।
आजादी की लड़ाई में उन्होंने अपना योगदान दिया,
और देश को गर्व से भर दिया।
शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए,
हम संकल्प लेते हैं।
देश की एकता और अखंडता के लिए,
हम अपनी जान भी दे देंगे।
शहीदों की याद में आज हम नमन करते हैं,
और उनके बलिदान को सलाम करते हैं।
उनके नाम पत्थरों पर लिखे हैं,
लेकिन उनके काम दिलों में लिखे हैं।
शहीदों के परिवार को हम सलाम करते हैं,
उनकी बहादुरी को हम नमन करते हैं।
देश के लिए जीने और मरने की,
उन्होंने हमें सीख दी है।
आज के दिन हम शपथ लेते हैं,
देश की रक्षा के लिए हम तैयार हैं।
शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए,
हम अपनी जान भी दे देंगे।
जय हिंद जय भारत
भारत माता की जय
अंतरराष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला “अमन” सनातनी
सावनेर नागपुर (महाराष्ट्र)










