चैत्र नवरात्रि – यमुना षष्ठी पर्व पर भक्ति भाव से सजे कल्पकथा के विविध कार्यक्रम।

ज्योति प्यासी – ज्योति राघव सिंह कल्प प्रणीत मान पत्रम, सूर्यपाल नामदेव चँचल कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार के संवाद प्रमुख भगवानदास शर्मा प्रशांत ने बताया कि संस्था परिवार द्वारा चैत्र नवरात्रि – यमुना षष्ठी पर्व पर भक्ति भाव पूर्ण कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया गया।
डॉ श्रीमती जया शर्मा प्रियंवदा के संयोजन में पुण्य सलिला कृष्ण प्रिया कालिंदी के अवतरण उत्सव विशेष कल्प प्रगीत आनंद कार्यक्रम में जबलपुर मप्र से ज्योति प्यासी एवं वाराणसी उप्र से ज्योति राघव सिंह ने पौराणिक संदर्भों सामाजिक महत्त्व को रेखांकित किया।
कीर्ति त्यागी के संयोजन के कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम में जयपुर राजस्थान के विद्वान साहित्यकार सूर्यपाल नामदेव चँचल ने रोचक प्रश्नोत्तरी के साक्षात्कार कार्यक्रम में साहित्यिक परिप्रेक्ष्य विशेष संवाद में कहा विचार ही अनंत काल तक समाज के ध्वज वाहक हो सकते हैं।
कार्यक्रमों के अंत राष्ट्रगीत स्मरणोत्सव वर्ष पर राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् गायन किया गया जबकि कल्पकथा संस्थापक दीदी राधा श्री शर्मा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।













