
जिस मानव का विचार सरस ,सरल है होता
उसके मन के उद्गा
र पावन है होता
सरसता, सरलता से खुशहाल जिंदगी है होता
निश्चल और निष्कपट मन नहीं किसी का बुरा है करता
सरसता से जो जिंदगी के संघर्षों से हैं टकराते
वो जिंदगी में सफलता अवश्य ही हैं पाते
अच्छे विचार रखने वाले हौसला, जुनून और हुनर
से जीत का परचम हैं लहराते
मंजिल उन्हें ही मिलती है जिनके विचार उत्कृष्ट हैं होते
पंख सिर्फ हवा में उड़ान नहीं भरते
सरसता, सहजता से है आकाश को छूते
सरस ,सहज विचार वाले ही इंसानियत की निशानी है
जिंदगी में हार नहीं माननी है
बढ़ते जाना है सपनों को साकार है करना
स्वयं के विचार को सरस बनाना है
अगर विचार सरस होंगे तो मन के उधर भी पावन और निर्मल होंगे
निश्चित रूप से सफलता कदमों को चूमेगी
निरंतर प्रयासरत होकर विचार को
समुन्नत रखिए
लक्ष्य को पाने के लिए यदि
हम अपने विचार,मन के उद्गार को संयमित रखते हैं
तो हमारे सितारे भी अपनी जगह बदलने को मजबूर होते हैं
डॉ मीना कुमारी परिहार










