
महात्मा गांधी का कहना किसी
देश का विकास वहाँ के कामगारों
और किसानों पर निर्भर करता है,
उनके बिना विकास संभव नहीं है।
जहाँ उद्योगपति ख़ुद को प्रबंधक
के बजाय मालिक समझने लगें,
और औद्योगिक ढाँचे में श्रमिकों
से नौकर जैसा बर्ताव करने लगें।
वहीं श्रमिकों के साथ अन्याय
और अत्याचार होने लगता है,
इसलिये सारे विश्व में 1 मई को
मजदूर दिवस मनाया जाता है।
सरकारें भी जनता के द्वारा ही
जनता के हित में चुनी जाती हैं,
व राजनेताओं को अपने देश की
बागडोर ट्रस्टी के रूप में सौंपती हैं।
जो प्रबंध चलाने के लिए मज़दूरों,
कामगारों, किसानों की बेहतरी,
भलाई, विकास, अमन व व्यवस्था
बनाऐ रखने के लिए वचनबद्ध हैं।
आदित्य मज़दूरों, किसानों का
प्रबंधन में बड़ा योगदान होता है,
जो उद्योगपतियों और मज़दूरों के
मध्य सुखद संबंध कायम रखता है।
डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
‘विद्यासागर’, लखनऊ











