
है श्रमवीर! तुम्हें मेरा नमस्कार है
तुम हो श्रम की गरिमा
श्रम से ही दुनियां सारी है
श्रम से ही लक्ष्य है पाते
श्रम कर अपना जौहर दिखाते
हे कर्मवीर! तुम्हें मेरा नमस्कार है
तुम केवल श्रमिक नहीं
तुम्हारे हाथ में जो फावड़ा है
वह मात्र औजार ही नहीं,अपितु यह प्रतीक है जिंदगी के संघर्ष का
हे कर्मशील! तुम्हें मेरा नमस्कार है
श्रमिक मजदूरों का हित और ख्याल
कौन मालिक कर पाता है
मालिक के हित में पुरजोर मेहनत कर
कंपनी का मुनाफा बढ़ाता है
हे श्रमिक! तुम्हें मेरा नमस्कारहै
जब तक हम श्रमिकों का सम्मान नहीं करेंगे
जनता का कल्याण नहीं होगा
देश का विकास रुक जाएगा
श्रमिकों को सताने वालों का कभी
नहीं कल्याण होगा
हे कर्मशील! तुम्हें मेरा नमस्कार है
हम करते हैं जान-जान से गुहार
श्रमिकों को मिले उचित वेतन
उनकी सेवा शर्तों का हो सही विस्तार
सिर्फ और सिर्फ 1 में को मजदूर दिवस मनाने से नहीं होगा इनका कल्याण
आइए हम सब मिलकर करें इनका सम्मान
डॉ मीना कुमारी परिहार











