
माँ की महिमा लिखा न जाए ममतामई महान है।
माँ ही कलम दवात है और माँ ही गुरु ज्ञान है।।
माँ से बढ़कर कोई नहीं ये कहते ऋषि मुनि महान है।
माँ ही कलम दवात है और माँ ही गुरु ज्ञान है।।
जन्म से लेकर मरन तक इस जग में माँ ही महान है।
माँ के सिवाय इस दुनियाँ में साहेब बाकी सब बेमान है।।
माँ के चरणों में ही साहेब देखो सारा जग जहाँन है।
माँ ही कलम दवात है और माँ ही गुरु ज्ञान है।।
आंखें बंद है लेकिन माँ का दया दृष्टि मेरे साथ है।
ममतामई माँ का साया रहता हरदम मेरे दिन रात है।।
माँ तो माँ होती है साहेब माँ ही धन और ध्यान है।
माँ ही कलम दवात है और माँ ही गुरु ज्ञान है।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













