
आज जिंदगी की भागम -भाग में
महिलाएं कहां किसी से कम हैं
बिल्कुल महिला का नेतृत्व
एक नए युग की शुरुआत है
आजादी के बाद महिलाओं का समाज और परिवार में सम्मान बढ़ा है
चाहे कोई भी क्षेत्र हो , हर क्षेत्र में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं
अपनी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं
महिलाएं नेतृत्व कर्ता के रूप में विकास का एजेंडा तय करने में अपनी भूमिका निभा रही हैं
रविंद्र नाथ टैगोर के शब्दों में’महिलाएं न केवल घर की रौशनी हैं, बल्कि इस रौशनी की लौ भी हैं ‘
कोविड-19 के कोरोना योद्धाओं के रूप में महिला डॉक्टरों, नर्सों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए रोगियों की सेवा की
वर्तमान में भारतीय महिलाएं ऊर्जा से लबरेज़, दूरदर्शिता,जीवन उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ
सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं
स्वयं सहायता समूहों (एस एच जी) के माध्यम से महिलाएं न केवल खुद को सशक्त बना रही हैं
सरकार के निरंतर आर्थिक सहयोग से भारत के संकल्प में इनकी भागीदारी
दिन-ब- दिन बढ़ती जा रही है
नवभारत के निर्माण में महिलाओं की
बड़ी भूमिका है
इन्होंने इतिहास रच दिया है नए युग की शुरुआत की है
डॉ मीना कुमारी परिहार













