
माँ में अलग ही हौसला औशक्ति समाई होती है
उसके मन में नहीं कोई
डर की परछाई होती है
उसे अपने बच्चें में
गुणों को विकसित करना
आता हैं
उसको पता है उसका बच्चा
उससे क्या चाहता है
वह दिन रात उसके भविष्य को
लेकर सपने बुनती है
उसके सुखमय जीवन की
बुनियाद वहीं रखती है
बच्चों में सबसे अधिक
संस्कार वहीं भरती है
जीवन के उतार चढ़ाव
को भी बताती है
यही सारी सीख बच्चों
के जीवन भर काम आती है
माँ से बड़ा कोई गुरु
नहीं होता
वास्तविकता यह है कि
जीवन ही माँ से शुरू है होता
प्रभु ने उसे शक्तियों से पूरित
किया है
इसी लिए उसकी बराबरी
नहीं कोई कर सका है
शीलू जौहरी भरूच













