
जीवन अपना एक सफर छिन छिन कटता जाता है
कोई सरपट दौड़ रहा कोई हर पग ठोकर खाता है
किसको मन के दर्द सुनाएं किसको मन के घाव दिखाएं
हर कोई दुखिया आसपास अपना दुखड़ा किसे सुनाएं
मतलब की इस दुनिया में सर्वार्थ भूमिका कौन
निभाए
आग विषाद की धधक रही इस ज्वाला को कौन बुझाएं
टारगेट किलिंग चल रहा घाटी में ऐसा क्यूं कोई बताए
माहौल पीड़ादायक हो जब फिर दीप हर्ष के कौन जलाए?
गोवर्धन थपलियाल













