
न वैध को दया आता है साहेब और न डाक्टर को दया आता है।
जिसको भी देखों साहेब सबसे पहले वो पैसे का मांग करता है।।
भले ही इंसान कुछ पल जीवन जीने लिए मौत से लड़ता रहता है।
लेकिन फिर भी किसीको दया न आता है अपने परिवारीजन रोते बिखलते रहतें हैं।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













