Vijay Kumar
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साहित्य
बरसात
भूलती नही वो शाम की एक बरसातआमने सामने खड़े हम भीगे साथ साथ होश ना था खोये थे एक दूजे…
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साहित्य
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस
“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” चिकित्सकों को समर्पित… जहाँ हर साँस अनमोल हो, वहाँ आपका धैर्य जीवन बन जाता…
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साहित्य
नारी की स्वतंत्रता किस सीमा तक स्वीकार्य है
महिलाएं आज न केवल अपने परिवार को संभाल रही हैं, बल्कि साथ ही साथ उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत…
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साहित्य
राष्ट्रीय डाक्टर्स दिवस
एक बात बोलूं साहेब,डाक्टर सिर्फ एक शब्द नहीं होता है, डाक्टर एक मान और सम्मान है डाक्टर एक भरोसा है।…
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साहित्य
धरती के देवता
सफेद लिबास में लिपटा,करुणा का अवतार है,मरीज़ की आँखों में जो,जीवन का संसार है।नींद बेचकर रातों की,वो जागता है हरदम,दूसरों…
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साहित्य
वंदना
यह कहां आ गये हैं हम,,,तेरी दुनिया में अब दिल लगता नहीं,,,,दुनियां- दारी को लेकर खुश नहीं हुं मैं,,,,, दूर…
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साहित्य
बाल रूप श्री मर्यादा पुरुषोत्तम राम
आओ श्री राम जन्म की महिमा का गुणगान करेंधन्य है अवधपुरी पावन धामजहां अवतरित हुए भगवान श्री रामआओ गाएं सब…
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साहित्य
छल का व्यापार
सब के सब घाव बनाने आए,कोई औषधि भी लगाने आए।आपसे भी न जीता गया मन,आप भी मन को चुराने आए…
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साहित्य
प्रदत्त शब्द — आषाढ
सार छंद सृजन पावन शुभ आषाढ़ मास है,नभ की घटा सुहानी।प्यासी धरती हर्षित होकर,गाए मधुर कहानी।दादुर गाते मोर नाचते, खेत…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
भक्ति भाव से पूजिए,श्री गणपति महाराज।भक्तों पर करते कृपा,जाने सकल समाज।एक दंत है सोहता,फरसा धारे हस्त,दोस्तों को संघर्ष, भक्त करें…
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