Vijay Kumar
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साहित्य
ज्ञान के सागर
विषय- मालवा के संतविधा- कविता धन्य है मालवा की माटी,जहाँ जन्में संत कबीर lजिनकी काव्य प्रेरणा से,नित्य सदा बहते रहे…
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साहित्य
हास्य कविता
दूर से देखा, दूर से देखा तो भैंस पूँछ हिला रही थीपास जाकर देखा तो मेरी घरवाली बाल सुखा रही…
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साहित्य
अधिकार और कर्तव्य
।विधा कविता। जिस प्रकार हर किसी को अपना अपना जीवन जीने का अधिकार होता है, ठीक उसी प्रकार हर किसी…
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साहित्य
साहस
कष्ट दुखों से लड़ने केलिएसाहसिक कार्य करने केलिएनिरंतर साधना करने केलिएजीवन में सफल बनने केलिएमुझ को धैर्य देना चाहिए। रोगों…
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साहित्य
अमर हैं पवनपुत्र हनुमान
हनुमान जी की महिमा है, विश्व में अपरंपार,साक्षात अमर विराजते, पवनपुत्र बल-भंडार। रामदूत अतुलित बलधामा, अंजनी के तुम लाल,भक्ति, शक्ति…
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साहित्य
गुटरू गूं, कहे कबूतर गुटरू गूं
तपती दुपहरी में छाया नही मिलतीघोंसला बनाने को जगह नही मिलतीहम सोच रहे हैं अब किस ठौर जाएंदुनिया हमारा दुखडा…
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साहित्य
नवभारत की गाथा…
(कवि – भानुप्रकाश शर्मा) वसुधा सारी, हमको प्यारीराष्ट्र ये, विश्व विधाता…।कर्म-धर्म से, आओ लिख देंनवभारत की गाथा…।। महावीर और बुद्ध…
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साहित्य
बेटा मूल धन, पोता ब्याज धन
जिंदगी में आशाओं की किरण तुम हि हो,,,मेरे पास कि जमा पूंजी निवेश तुम ही हो,,,, जो सनसनी मचा दे…
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साहित्य
हूल दिवस |
आज हूल दिवस के पावन अवसर पर वीर सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू सहित सभी अमर हूल वीरों को विनम्र…
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साहित्य
साहस, परिश्रम और कर्म
जीवन में आशा, आत्मविश्वास और पुरुषार्थ का साथ कभी मत छोड़िए। आशावादी व्यक्ति हर कठिन परिस्थिति में भी आगे बढ़ने…
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