Vijay Kumar
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साहित्य
योग से रोग को हराते रहे
योग से रोग को,सदा हम,हराते रहे !अपनी शक्ति और ऊर्जा,बढ़ाते रहे ! था आनंदित ये जीवन,न था कोई गम !जबतक…
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साहित्य
बोलती कलम मंच पर एक शाम पिता के नाम कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ
बोलती कलम मंच के संस्थापक श्री संजय राई सांई जी द्वारा एक सुन्दर कार्यक्रम आयोजित किया गया जो पिताओं को…
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साहित्य
पितृ-वंदन
मन में धीरज का समँदर, मुख पर मीठी बात।बच्चों की खातिर जगे, पिता हमारे रात।। सब कुछ तुझ पर छोड़…
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साहित्य
योग : भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
मानव जीवन का सबसे बड़ा धन स्वास्थ्य है। यदि शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न हो, तो जीवन की हर चुनौती…
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साहित्य
योग प्रवेश करे हर घर में
योग प्रवेश करे हर घर मेंखुशहाली हो हर जन मन में काया तंत्र क्रिया मजबूत बने उद्देश्य योग काथके बिना…
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साहित्य
पिता की डायरी के कुछ पन्ने
विधा : अतुकांत छंद मुक्त पिता की डायरी के कुछ पन्ने, आज अचानक खुल गए। बीते वर्षों की मधुर स्मृतियाँ,…
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साहित्य
योग: देह से ब्रह्मांड तक
सूरज की पहली किरण जब धरती को चूमेतन-मन को जगाने का मंत्र लिखे — योग। न भागना है, न लड़ना…
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साहित्य
आंधी नहीं झंझावात
धर्म रहा न कर्म रहा, स्वार्थ में डूब अब अधर्म फला।स्वार्थमय आंधी ने घेर लिया,आपा-धापी वक्त चला। उपदेश को घर…
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साहित्य
पहचान
मां ने जीना सिखाया ,तो पिता ने जीने का मतलब बतलाया,मां ने प्यार दिखाया,तो पिता ने प्यार का सही दायरा बतलाया ।…
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साहित्य
शीर्षक : योग से निरोगी काया
योग-सुधा का पान कर,तन-मन हो बलवान।रोग-दोष सब दूर हों,मिले नव जीवन-ज्ञान।। प्राणायाम की शक्ति से,जागे नव उत्साह।नित्य योग-अभ्यास से,मिटे तनाव…
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