
मां ने जीना सिखाया ,
तो पिता ने जीने का मतलब बतलाया,
मां ने प्यार दिखाया,
तो पिता ने प्यार का सही दायरा बतलाया ।
एक उम्मीद, एक विश्वास ,
त्याग और साहस ,
भावनाओं का चित्रण है ,
पिता घर की बुनियाद है ।
मान ,पहचान और आधार ,
पिता से ही फरमाइश,
आदर सम्मान और मुस्कान ,
पिता के प्यार से महका चंदन है ।
हिम्मत , आस और खुशी ,
बाहर से सख्त अंदर से नरम,
उसके दिल में दबे दर्दों का सागर हैं
पिता संघर्षों में हौसले की दीवार है।
पिता हमेशा खुशनुमा एहसास है ,
पिता परेशानियांसे लड़ने की दो धारी तलवार है ,
जागीर,एहसास औरजमीर है,
हर बच्चा माता-पिता को पाकर अमीर हैं।
डॉ रुपाली गर्ग नारी स्वर
मुंबई महाराष्ट्र












