Vijay Kumar
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साहित्य
कविवर मुझको भी मंचों पर गाने दो
कविवर मुझको भी मंचों पर गाने दो।गीत मधुर कुछ अपने हमें सुनाने दो।। नामी कवि को कविवर सिर्फ़ गवाते हो।कभी…
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साहित्य
पापा
संघर्ष क्या था पापा एक नाम था दृण मन कर्मठ जीवन ये एक पहचान थाहारे हारकर दुखों को जीतना ये…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं साहेब,पिता तो पिता होता है अंधेरे में भी रौशनी कर देता है। बनकर वह माली अपने बाग…
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साहित्य
शौक नही,मजबूरी है
खेलने,कूदने के उम्र मेपढना लिखना हो मन मेआराम से खाने पीने कीआवश्यकता हो जिसे बचपन मेउनके हाथो मे कचरा चुनने…
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साहित्य
मधुर माधव मेरा सखा
मधुर माधव मेरा सखा, तुझ बिन सूना संसार। तुम ही हो मेरा आधार, तुम ही हो संसार॥तुम हो गोविंद, कन्हैया,…
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साहित्य
राधा-कृष्ण भक्ति पर आधारित संगीत एल्बम “मुरली मनोहर श्याम” का वैश्विक विमोचन
नई दिल्ली। केशव कल्चर फाउंडेशन, दिल्ली के तत्वावधान में के.सी. स्टूडियो, नई दिल्ली द्वारा राधा-कृष्ण भक्ति पर आधारित सात मधुर…
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साहित्य
पिता का कंधा
जब मैं छोटा था, नादान था,हर मुश्किल से अनजान था।मेरे सपनों को पंख लगाने को,पिता का हर दिन बलिदान था।धूप…
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साहित्य
रिश्ते भी अब बिकने लगे हैं
रिश्ते भी अब बिकने लगे हैं,मोल-तोल भी होने लगे हैं।जिसके पास है जितनी दौलत,उतने ही भाव उसे मिलने लगे हैं॥…
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साहित्य
काश हम कभी ना मिलते
हम कभी ना मिलते तो अच्छा होता,तेरे चेहरे का जादू ना चला होता तो अच्छा होता।ना तेरी झूठी मोहब्बत पर…
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साहित्य
पिता दिवस पर सादर समर्पित
पिता दिवस पर सादर श्रद्धांजलि,माता पिता को आज समर्पित हैं,श्रद्धासुमन अर्पण सब परिवार के हैं,आपके आशीष से सौभाग्य निर्मित हैं।…
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