Vijay Kumar
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साहित्य
संस्कृति कर गई तार तार
कल शाम सूचना मिली ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष शर्मा जी नही रहेकल ही तो सुबह घूमते हुये पार्क में…
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साहित्य
मां का ममत्व
ममता की मधुरिम छाया है,माँ जीवन का आधार है,उसके आँचल की शीतलता,जग में सबसे प्यार है। खुद दुख सहकर हँसती…
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साहित्य
पिता
पिता, वरदान ईश का,होता बड़ा महान ।कड़वी औषधि नीम सा,घर की है मुस्कान ।पोषण करते एक सा,सबका रखते ध्यान।हो विशाल…
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साहित्य
गुलाम – ए- जन्नत
मैं उस रानी का ग़ुलाम हूँदुनिया जिसे माँ कहती है ना कोई तख़्त है उसके नामना हीरे जड़े ताज हैं…
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साहित्य
अनुराधा नक्षत्र का दिव्य बकुल वृक्ष
अनुराधा नक्षत्र की छाया में,बकुल वृक्ष मुस्काता है।मौलसिरी के नाम से विख्यात,मधु-गंधा भी कहलाता है॥ ऋग्वेद बोले औषधि सूक्त में,“ओषधयः…
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साहित्य
कविता
भावों का उद्गार जो भर दे,कविता उसको कहते है।सच्चाई का साथ निभाए,कविता उसको कहते है।। समाज की आवाज बने जब,कविता…
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साहित्य
आंखों में समन्दर
आंखों का समंदर कैसा अजीब समंदर हैयह ऐसा समंदर जिस नाप न सके कोई, ना इनका ओर न छोरहर बूंद…
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साहित्य
गधे को बाप बनाना (लघुकथा)
एक बहुत ही बड़ा कंजूस साहूकार था। वह अपनी दुकान का सामान कभी उधार नहीं देता था। ना ही किसी…
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साहित्य
कवि और कविता का रिश्ता
कवि क्या है? एक जख्म जो चलता-फिरता है,कविता क्या है? उस जख्म से बहता लहू। वो दर्द को शब्दों में…
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साहित्य
सबसे सुन्दर एक नाम बस राम है
जगत रहा श्री रामचन्द्र को पूँज है।सकल विश्व में राम नाम की गूँज है।सत्य सनातन का गौरव अभिमान हैं।सभी लोग…
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