Vijay Kumar
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साहित्य
अंतरराष्ट्रीय मातृदिवस
तेरी याद बहुत माँ मुझको आती है,मीठी लोरी की धुन भी रुलाती है।तेरी याद बहुत माँ मुझको आती है।।अब भी…
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साहित्य
मातृत्व दिवस
सिर्फ आज एक दिन यही नहीं,हर दिन माँ का एक समान।लेकिन एक बेटी ऐसी भी थी जिसने,दिलाया जग की हर…
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साहित्य
जीवन के उतार चढ़ाव
विवेकशीलता, सकारात्मकताजिस जिसके विचार में होती है,प्राकृतिक सुविधाओं की सुखदप्रसन्नता सदा उन्हें प्राप्त होती है। उसके लिए प्रकृति और परमात्माके…
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साहित्य
नर वानरहिं संग कहु कैसे
तुलसी ने कहा है मानस में।सीता ने पूँछा जब संशय में॥नर वानरहिं संग कहु कैसे।कही कथा भई संगति जैसे॥ अंतरु…
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साहित्य
माँ का दर्द
आज से दस साल पहले,मैने,आंखो मे चश्मा पहने,तो, माँ की आंखो मे आंसू आ गये,कि,मेरे बेटे मे कमी क्या दे…
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साहित्य
माँ — एक अंतहीन दुआ
“कुछ रिश्ते लफ़्ज़ों के मोहताज नहीं होते, और माँ… माँ तो वो इबादत है जो खुदा से पहले कुबूल होती…
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साहित्य
माँ
मां इस सृष्टि में मूल रूप हैमां का जीवन सराहनीय हैमां का प्रेम बेमिसाल होता हैमां का सहन शक्ति अनोखा…
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साहित्य
माँ
दिल में रहती जो बात सदा,वह आज जुबां से कहना है।मेरे लिए क्या हो तुम,बस आज यही बतलाना है।। तुम…
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साहित्य
माँ तेरा आँचल
माँ तेरा आँचल ही मेरा संसार हैतू ही मेरी माँझी तू ही मेरी पतवार है धूप हो छावँ हो आँचल…
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साहित्य
डॉ पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा को मिलेगा इस माह का साहित्य रत्न सम्मान
प्रयागराज।मौलिक विचार एवं साहित्यिक सर्जना की प्रतिनिधि पत्रिका साहित्यांजलि प्रभा द्वारा प्रवर्तित लोकप्रिय प्रकाशन संस्थान साहित्यांजलि प्रकाशन की ओर से…
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