Vijay Kumar
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साहित्य
आधुनिक माँ
मोबाइल सँग काम भी, घर-ऑफिस का भार।ममता की छाँवों तले, रखती सबका ध्यान॥ संस्कारों की रोशनी, देती हर इक साँस।नव…
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साहित्य
संस्कार प्रकाश
।। गर्भाधान संस्कार के अंतर्गत गर्भिणी स्त्री की आवश्यक पालनीय नियम ।।जब गर्भ में संतान होती है तब माता-पिता जैसी…
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साहित्य
सफलतापूर्ण सम्पन्न हुआ ध्यान शिविर एवं गुजरात गौरव सम्मान।
गुजरात के वलसाड़ जिले में स्थित हार्टफुलनेस प्रशिक्षण केंद्र में दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास द्वारा डॉ. अभिषेक…
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साहित्य
दायरे
दायरे में रहकर हम सभी को काम करते रहना चाहिए।अपनी निश्चित सीमाओं का पूरा ध्यान रखना चाहिए।। दायरे का उल्लंघन…
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साहित्य
मां तेरे रूप हजार
राकेश आनन्दकर ( अजमेर ) हजार दुःख सह कर मां ने हमेदिव्य जीवन का सुख दिया ।सीता और मीरा बन…
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साहित्य
जन्मदात्री की ममता
जन्मदात्री की ममता से जीवन महक उठता है,उसके आँचल में हर दुख चुपचाप सिमटता है। त्याग, तपस्या, प्रेम की वह…
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साहित्य
माँ
माँ में अलग ही हौसला औशक्ति समाई होती हैउसके मन में नहीं कोईडर की परछाई होती हैउसे अपने बच्चें मेंगुणों…
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साहित्य
मां की लिखावट
माँ के लिए क्या लिखूँ मैं,माँ की ही तो लिखावट हूँ मैं।उसकी दुआओँ की स्याही से,सजी हुई एक इबारत हूँ…
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साहित्य
मम्मी अब माँ हो गई
मेरी मम्मी जिसे अब मैं माँ कहने लगी हूं,पता नहीं क्यों पर कहने लगी हूं,शायद अब वो श्रृंगार नहीं करती…
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साहित्य
माँ
अस्पताल के प्रसूति कक्ष से पिछले 2 घंटे से बस नैना की दर्द भरी चीखे सुनाई दे रही थी ,…
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