Vijay Kumar
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साहित्य
होलिका दहन
फाल्गुन मास पूर्णिमा शुभ दिन , धर्म – पथ की जीत हुई थी।दुष्ट हिरणकश्यप की अनुजा, अग्नि में जल खाक…
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साहित्य
तंमंजये
यह कहानी उस युग की है, जब राजाओं के बीच सत्ता के लिए निरंतर युद्ध होते रहते थे। तलवारें म्यान…
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साहित्य
बुरा ना मानो होली है।।
फागुण की मस्ती छायी है,यहाँ रंगो की टोली आई हैं।वो रंग गुलाल सभी उडा़ते,देखो आज होली आई है।। मिलझुल कर…
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साहित्य
गौरैया
एक छोटी सी गोरैया रोज मेरे घर आती।उसकी मीठी आवाज मेरे कानों में मिश्री घोल जाती।वह सुंदर से मुंह से…
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साहित्य
ऐसा रंग चढ़े जो कभी न उतरे
होली का यह त्यौहार आप सभी के जीवन में खुशियां भर दे ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है।रंग चाहे कोई भी…
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साहित्य
लेकर हाथ कनक पिचकारी
लेकर हाथ कनक पिचकारी |होली खेलें कृष्ण मुरारी ||झूम-झूम कर नाचे राधा,निरखें सखियाँ बारी-बारी ||लेकर हाथ कनक पिचकारी || मिटी…
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साहित्य
होली के रंगों का मुझ पर चढ़ा है।
1रंगों का पर्व होली आयीअलग अलग रंगों लायीये मिलकर कई रंग हो गयीगली गली में रंग फैल गयीहोली के रंगों…
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साहित्य
ये सारे सतरंगी रंग
खुशी में डूबे रंग खिलखिला रहे हैं, इतने सारे सतरंगी रंग, कि पुष्प भी चुरा रहे है रंग, आज तितलियों…
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साहित्य
बरसाने की होली
बरसाने की गलियों में आज, रंग नहीं-मिठास उड़ी है, राधा रानी के आँगन में, प्रेम की वर्षा की झड़ी है।…
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साहित्य
इंडोनेशिया में चली कलम रूपी पिचकारी
इंदु नांदल जी 30 वर्ष से अधिक समय से इंडोनेशिया में रह रही हैं और वे ‘वंदे मातरम परिवार ‘…
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