Vijay Kumar
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साहित्य
दुल्हन ही दहेज है
धन-दौलत के मोल न तोलनारी कोई वस्तु नहीं है गोल।सपनों की वो रानी हैहर रिश्ते की वह निशानी है। ब्याह…
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साहित्य
आतंकी साया
कभी गुजरात जलता है,कभी मुंबई दहलता है,कभी कश्मीर सीमा पर,ये माँ का भाल जलता है।हमारे देश को हरदम, जलाए पाक…
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साहित्य
फूलों का सौंदर
भोर किरन जब धरा पर आती,फूलों में मुस्कान सजाती।ओस-बूंद मोती बन जाती,पंखुरियों पर छवि झिलमिलाती। रंग-बिरंगे कोमल तन में,बसती खुशबू…
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साहित्य
खुर्जा के वरिष्ठ कवि सम्भल में हुए सम्मानित
दिव्य गंगा मिशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन एवं शपथ ग्रहण समारोह महर्षि दयानन्द जू. हा. स्कूल सम्भल में किया गया।…
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साहित्य
मै और हम।।
मन्नू रिश्तों के दर्पण में देख जरा,मै और हम तराज़ू पर तोल जरा।अपने अंहकार को दूर कर जरा,दिल से यूं…
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साहित्य
हर ज़रूरत से पहले
तुमसे मोहब्बत है मुझे हर इक वजह से पहले,तुम मेरी ज़रूरत हो हर इक ज़रूरत से पहले। दीवानगी क्या चीज़…
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साहित्य
पुलवामा के वीर
हुए थे जो शहीद कभी पुलवामा के वीर |न जाने कैसी थी उनके घरवालों की तकदीर |न सोचा था उन्होंनें…
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साहित्य
जीवन कौशल
बदलते वक्त के कौशल,लिए पहचान चलते हैं,हुनर जो सीख लेते हैं,वही जीशान चलते हैं। दिखाती है आइना जो,वही स्वजागरूकता है।परख…
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साहित्य
।।अधूरी चिट्ठी और बर्फीली शहादत
सरहद की मिट्टी का बुलावा अभी बाकी था,कि हवाओं में सिसकियों का संचार होने लगा।‘जल्द वापस आऊँगा’— बस इसी एक…
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साहित्य
समाधि पाद – सूत्र- ७
प्रत्यक्षानुमानाऽगमा: प्रमाणानि । प्रत्यक्षानुमानागमाः= प्रत्यक्ष, अनुमान और आगम– {ये तीन}, प्रमाणानि= प्रमाण हैं । अनुवाद– प्रत्यक्ष अनुमान और आगम भेद…
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