Vijay Kumar
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साहित्य
हिन्दी गुण गौरव
सरल, सुबोध, सजीव हिन्दी, भावों की अनुवादिनी।देवनागरी लिपि उजियारी, सुमति-संवेदन वंदिनी॥ लचकीली सी वाणी जैसी, पिघली धूप पवन में।हर भाषा…
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साहित्य
जैसा था आज भी वैसा ही मिलूँगा
जीवों के प्रति दया व कृतज्ञता भाव,धार्मिक प्रवृत्ति सज्जनता दिखाती है,माया और कृतघ्नता में लिप्त भावनानरक में पहुँचाने का कारण…
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धर्म
दक्षिण भारत संयोजक पद पर डॉ. गुंडाल विजय कुमार की नियुक्ति
दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार दिनांक: १७ जून २०२५स्थान: हरिद्वार दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार को यह घोषणा करते हुए…
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साहित्य
विजय कुमार जी को सादर नमन
(भारत की बात डिजिटल समाचार पत्र के संपादक हेतु) वाणी में जिनके सज्जनता की मिठास है,कलम में सच्चाई, आँखों में…
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साहित्य
गीत: “बरखा आई रे, साजन रो संदेसो लाई रे”
घेर-घेर आई बदली छाई,मन म्हं मीत री याद समाई।भीज्यां बगिच्यां, भीज्यां डारां,आया सावण प्रेम सूं भरया।बरखा आई रे… साजन रो…
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मध्य प्रदेश
मेरे पापा
मेरे पापा आपका वजूद मेरा सुकून है,आपका साथ एक खुशनुमा एहसास।आपकी खामोशी भी कहे बहुत कुछ,पापा आप मेरे लिए बहुत…
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धर्म
जन गण मन जगे विवेक
गरिमा ए गणतंत्र पर,हमें गर्व है आज!चाय वाला बन गया,भारत का सरताज!! सच्चे अच्छों को चुने,हो नीयत जिनका नेक!इसे बचाना…
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विश्व
‘साहित्य का विश्व रंग’ आयोजन सम्पन्न।
प्रवासी भारतीय, स्थानीय सभ्यता और संस्कृति को सामने लाएँ – संतोष चौबे विश्वरंग, हालैण्ड से साझा संसार फाऊण्डेशन, वनमाली सृजनपीठ,…
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धर्म
ईशावस्योपनिषद् ।। श्लोक १५ ।।
सम्बन्ध— श्री परमेश्वर की उपासना करने वाले को परमेश्वर की प्राप्ति होती है, यह कहा गया । अतः भगवान के…
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विश्व
बैंकॉक में चमके हिंदी के सितारे
हैदराबाद/तेलंगाना। भारत की सनातन चेतना, सौहार्द और मानवता की प्रतिनिधि संत परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला एक…
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