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  • जगदीश साहित्य संस्थान विषय:होली के रंग

    विधा: जोगीरा छंद जोगीरा सा रा रा रा रा होली खेले राधा-मोहन, खेल रहे सब झूम।बरसाने की गोपी ब्रज में,…

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  • जीवन फूल वारी

    मै जीवन कि इस फूलवारी मे कटुता नही,स्नेह बांटता। 2 सीचन कर जीव कोउसे जीने का ऐहसासबांट ता,,,।।2मै जीवन की…

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  • रंगों का मिलन

    ​मोहब्बत के गुलालों से नया एक सिलसिला कर दें,चलो हम आज नफ़रत को दिलों से अलविदा कर दें। ​पुरानी रंजिशें…

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  • प्रीत की पिचकारी

    होली आई जमकर,नाचे झूमें सब मिलकर,कि श्याम रंग चढ़ ही गया।हो रंग जाए हम, निखर जाए हम,जीवन में जो श्याम…

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  • जमकर होली खेलों यार

    होली है रंगों का त्योहारजम कर होली खेलों यार नीला पीला लाल गुलाबीचेहरे हो जाए सबके नवाबीकोई ना पहचान सके…

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  • रंगों की होली

    फागुन आया गली-गली में, लेकर रंग गुलाल,हँसी बिखेरी हर आँगन में, छाया हर्ष विशाल। ढोल मंजीरे धुन सुनाते, बजती मधुर…

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  • अंगूर खट्टे हैं (लघु कथा)

    श्रावणी और पावनी दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती थीं। स्कूल के प्रांगण में ही नृत्य की शिक्षिका दोनों को…

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  • होली

    फागुन मे आवत होली का त्यौहारकेशर उड़त अबीर गुलाल हर चौबारे हर द्वाररंग चढ़त हर तन मौसम मे भाये बहारभौजाई…

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  • 1 मार्च 2026 को कपिलश फाउंडेशन के बैनर तले

    कपिलश साहित्यकार समिति खुर्जा शाखा द्वारा एक काव्य गोष्ठी एवं होली मिलन समारोह का नगर के नारायण समाचार पत्रालय में…

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  • होली का धमाल।।

    कोलिया गाँव के बीच बाजारां,लोग यूं गैरां खेलण लाग्या हो।अबीर गुलाल के गुब्बार उडा़वें,मिलकर चंग पर धमाल मचावें हैं।। कोई…

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