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  • लोग

    किस कल का निर्माण करेंगेबेघर भूखे नंगे लोग कफ़न हुयी चेहरों की रंगतमरघट सी घर की बुनियादेंगाँव डूबते सैलाबों मेंधुआँ…

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  • ग़ज़ल

    समय के फल नहीं भूले।ख़ुशी के पल नहीं भूले। समझदारी रखी हमने,जो बीते कल नहीं भूले। पहुँच कर इस ऊंचाई…

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  • माता का दरबार

    ताटंक छंद मातु तुम्हारे दर्शन को सब ,भक्त दूर से आते हैं।मनोकामना पूरी हो माँ ,तुम से आस लगाते हैं।।आई…

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  • कविता

    सूना कर घर बार कहाँ मुँह मोड़ चलेपंछी तो अब नीड़ हमारा छोड़ चले आँगन चौखट दरवाज़े देखें रस्तासबसे रिश्ते…

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  • निराशा हमारे जीवन में अभिशाप है

    आलेख : निराशा अंधकार है, आशा प्रकाश। जिस प्रकार अंधकार में व्यक्ति को अपना ही हाथ नहीं सूझता, उसी प्रकार…

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  • हिंदी भाषा पर साहित्यिक रचना

    हिंदी हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का उद्गार है,इसकी हर अक्षर-माला में संस्कृति का अमिट संस्कार है।यह तुलसी…

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  • जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।

    लाखों करोड़ों धोखेबाज़ों के बीच में रहने से तो अच्छा है कि हम अकेले रहें, भूखा ही सही लेकिन हम…

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  • जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।

    लाखों करोड़ों धोखेबाज़ों के बीच में रहने से तो अच्छा है कि हम अकेले रहें, भूखा ही सही लेकिन हम…

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  • हिंदी

    विषय : हिंदीदिनांक : 12 सितंबर , 2026विधा : पद्यहिंदी प्रबल हिंद महान ,सदा प्रफुल्लित उद्यान ,हिंद हिंदू हिंदी पहचान…

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  • बड़ी आरज़ू थी मुलाकात की

    विधा – गज़ल बड़ी आरज़ू थी मुलाकात कीहसरत ही रह गयी दिल की बात कीबड़ी आरज़ू थी मुलाकात की अरमाँ…

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