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चांद जैसी रोटी
चाँद जैसी रोटी चाहिए मुझे,गोल जैसीसाफ सुथरा एकदम धवल बर्फ जैसीजैसे चांद दिखता है,नीलगाय मेरोटी चाहिए मुझे ,बिल्कूल वैसी ही…
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हिंदी भाषा,भारत माता
इंद्र धनुष का मुकुट पहनतीं, स्वर्ण आभा गज़ब समाही, अक्षर अक्षर मणी रत्न जड़ित श्री भारत माता छबी अजब हृदय…
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बड़ी आरज़ू थी मुलाकात की
विधा – गज़ल बड़ी आरज़ू थी मुलाकात कीहसरत ही रह गयी दिल की बात कीबड़ी आरज़ू थी मुलाकात की अरमाँ…
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गज़ल
एक तमन्ना होती है दिल में, एक चाहत जिंदा होती है मन मे, जागते सोते देखें जातें हैं कुछ सपने,…
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प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
एक बार शनिदेव सुनो तुम,फिर संघार दुष्ट कर डालो।भयमुक्त समाज करो अब तो,संतति अपनी सब पालो।यही कामना लेकर गीता,द्वार तुम्हारे…
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बस तू कह दे
चाँद से कह दूँ तेरी चौखट पे आया करे,तारों से कह दूँ तेरा ही नाम दोहराया करे।तेरी एक झलक के…
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शीतल बयार
शीतल बयार चली जब, महका सारा गाँव रे।तन-मन पुलकित हो उठा, सुख का मधुर प्रभाव रे। कलियाँ हँसकर खिल उठीं,…
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सद्व्यवहार
इस जीवन में शांति और सद्व्यवहार चाहिए।।अपने परिवार समाज में भी संस्कार चाहिए।।बड़ों का मान करें, छोटों से प्यार करें।हर…
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तिरंगा देता है संदेश
विधा : पद्य तिरंगा देता यह संदेश ,मत कर किसी से द्वेष ,लगा देशभक्ति का रेस ,हैं भारत के रत्न…
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महादेवी वर्मा : पाठ्यपुस्तक के पन्नों से जीवन की स्मृतियों तक
कुछ लेखक ऐसे होते हैं, जिनसे हमारा परिचय किसी साहित्यिक गोष्ठी या पुस्तकालय में नहीं, बल्कि स्कूल की पाठ्यपुस्तक के…
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