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मेरे सरकार आए हैं ।।
हुई रोशन मेरी गलियांमेरे सरकार आए हैं,,2सजा दो घर को गुलशन सा, 2लगी कुटिया भी दुल्हन सी,,मेरे सरकार आए हैं,,2…
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तुम कर सकती हो
सुनो सखी–तुम जग- जननी हो।तुम सब कुछ कर सकती हो।तुम ढाई किलो का लहंगा पहन कर नाच सकती हो।तुम भोजन…
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हुताशनि(होलिका दहन)
अराजकता बढीं थी धरा मे अपारदानवों की बढी अत्याचारhलोग त्राहि त्राहि मे थेविष्णु को कर रहे थे पुकारऐसे वक्त मे…
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मेरी होली कैसी रही
आओ सुनाऊं सखी री, मेरी होली कैसी रही..?पहली होली पड़ गई सासुरे में, दैया रेमोर नटखट देवरा करे ठिठोलीकसके पकड़े…
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होली का त्योहार
होली का त्योहार आया है,रंगों की बरसात लाया है।हर तरफ खुशियों की बौछार है,मौसम में एक नया निखार है। गुलाल…
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गंगांजलि साझा काव्य संग्रह कवयित्री अर्चना गोस्वामी जबलपुर को भेंट की – कवि संगम त्रिपाठी
गंगांजलि साझा काव्य संग्रह संस्कारधानी जबलपुर की कवयित्री अर्चना गोस्वामी को कवि संगम त्रिपाठी ने भेंट की। गंगांजलि साझा काव्य…
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होली का हुड़दंग
शीर्षक – जमकर होली खेलों यारहोली है रंगों का त्योहारजम कर होली खेलों यार नीला पीला लाल गुलाबीचेहरे हो जाए…
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नारी
विधा-काव्य हे नारी तू स्वरूपा नारायणी हैसमस्त संसार की जन्मदायिनी है तन से कोमल मन से मजबूत तू संसार की…
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आंधियों का दौर
लिखने को मन करता है–जब इस जग चिड़ियां चहचहाएंजब धरा परसुख की आस होक्या कहेंऔर क्या लिखेंअगरचल रही हों आंधियांतूफ़ान…
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तुम किसकी प्रतीक्षा में
निराशा से रहतारात देर से सो जाताइधर उधर फिरताठीक से भोजन नहीं लेतातुम किसकी प्रतीक्षा में होते। पढ़ाई में ध्यान…
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