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राष्ट्रीय वन दिवस
वृक्ष एक मूक मित्र विधा – काव्य वृक्ष मनुष्य के मूक मित्र हैजीवन चक्रधारा के चलचित्र हैशान्तचित्त रहते सदा धरा…
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नारी चेतना की ज्योति — महादेवी वर्मा को नमन
सरल सहज शुभ्र सौम्य छवि,उज्ज्वल निर्मल गंभीर शांत,ममता-मूर्ति, करुणा-सरिता,हिंदी की अनुपम दिव्य कांत।कवयित्री, निबंधकार महान,कहानी में जीवन का स्पंदन,कोटि-कोटि नमन…
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महीने का बजट
महीने का बजट,नही बनाता हूं अबमन बहुत बैचेनी मे रहता है,मेरा अबबजट देखते ही ,मन विचलित है होताबेवजह की घर…
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बहुत करती असर, मां की दुआ है
सच, बहुत करती असर ,मां की दुआ हैकोई भी मुश्किल राहें नहीं रोक सकतीअगर मां का आशीर्वाद साथ होदुनियां में…
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हिन्दी मेरे देश की भाषा
विश्व हिन्दी दिवस हेतु हिन्दी मेरे देश की भाषा,देश को सबसे प्यारी है।हिल-मिलकर यह सबमें रहती,सारे जग में न्यारी है।।…
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क़र्म योग एवं आत्म-दर्शन
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…
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माटी का ऋण
हे भारत माँ! तेरी माटी, माथे का अभिमान है,तेरे चरणों में अर्पित मेरा तन, मन और प्राण है।तेरी गोद में…
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प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
ममता में मूरत है जिनकी, अवगुण सभी मिटाती हैं।नष्ट विकार हृदय का करती, पावन पुण्य जगाती हैं।जिस पर कृपा मातु…
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पद्म भूषण राजा डॉ. राधिकारमण प्रसाद सिंह जयंती को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच
कटिहार के उदीयमान साहित्यकार शशिधर कुमार भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित…
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चाय
विषय : गरीबीविधा : पद्य जब देखा बच्चा मैल कुचैल ,जा पूछा जीवन करीबी से ।कैसा जीवन का अभिशाप ,शिक्षा…
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