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सावन के (बरखा) गीत
सर्व तपै जो रोहिणी,सर्व तपै जो मूरतपै जेठ की प्रतिपदा,उपजै सातो तूर,शुक्रवार की बादरी,रही सनीचर छाय,तो यों भाखै भड्डरी,बरखा बरसै…
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कविता –बारिश में तेरी याद
मौसम हैं सुहाना, चल रहे हैं हवाएं किया दिख रहे हैं खूबसूरत नजारे.. बादलों की गर्ज, पानी की बौछार बारिश…
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कविता
इक अलसाई रात जवां सी ,वजह कोई इक बात कहा की,करवटों मे ही सब रह गई,होना था जिसे आसक्त आलिंगन…
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कइसे धरीं हो हम धीर
कइसे धरीं हो हम धीर सजनवांकइसे धरीं हो हम धीर! जब जब बगिया में बोले ले कोयलिया,हियरा में चूभेला तीर…
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दायरे
दायरे इतने सीमित रखे है उसने ,कि वह दिवारो से झांकता है,बंद खिड़कियों को रखा है, और,किवाडों से पग नापता…
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(no title)
साहित्यकार डॉ अभिषेक कुमार द्वारा लिखित पुस्तक गिरवी ज़मीर का शीघ्र विमोचन। ब्लॉक मिशन प्रबंधक ठेकमा सह विख्यात साहित्यकार डॉ.…
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उसकी चुप्पी उसकी कमज़ोरी नही।।
उसकी चुप्पी उसकी कमज़ोरी नही,पर बोलेगा तो देखना वह बोलता रह जाएगा,पूछते हो क्यूं तो कोई जवाब तो नही देगा…
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“क्या जरूरी है हम उनसे डर के रहें “
बस , रिवायतें ही तो हैं…..क्या जरूरी है हम उनसे डर के रहेंखोल दो सोच के बंद पिटारे कोस्वच्छंद विचारों…
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डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ श्री माखनलाल चतुर्वेदी साहित्य सम्मान-2025 से सम्मानित
मुलताई/बैतूल-नगर के वरिष्ठ साहित्यकार स्व. नरेन्द्र पाल सिंह पुण्डीर की साहित्यकार पुत्री डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ को नव उदय पब्लिकेशन,…
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मेरी पहली किताब
मेरे लेखन का सफ़र भी क्या सफ़र हुआ हैभावनाओं का मेरी जैसे एक सागर हुआ है ll जाने अनजाने मेरा…
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