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प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही, वाराणसी के तत्वावधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 89वीं पुण्यतिथि पर प्रेमचंद दीपांजलि व विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही, वाराणसी के तत्वावधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 89वीं पुण्यतिथि पर प्रेमचंद दीपांजलि…
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छूट गया वो पल
रचना : हरनारायण कुर्रेश्रेणी -काव्यमुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर छत्तीसगढ़===========.============ छूट गया वो पल छूट गया वो…
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चमकीला ठाट बाट
एक से लेके पाॅंच तक ,झूठ से लेके साॅंच तक ,सिमट के रह गईल दुनिया ,आज खाली काॅंच तक ।असली…
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भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति का वैश्विक योगदान है या नहीं है ?
भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति का वैश्विक योगदान पूर्ण रूप से देखा जा सकता है। भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता…
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माँ की महिमा
प्यारी प्यारी मेरी माँ प्यारी प्यारी मेरी माँ, जोड़े पाई-पाई माँ। दुखः से पर्वत राई माँ, हारी नही लड़ाई माँ।…
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अतुकांत कविता
जब भी किसी से बोलिए शब्दों को पहले तोलिए। तुम जो न सह सको कभी वो बोल क्यों कर बोलिए?…
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परीक्षा की घड़ी
जब आए परीक्षा की घड़ी,मत घबरा, हो जा तू खड़ी।काँपते हाथों को थाम ले,चढ़ जा सपनों की सीढ़ी। कलम को…
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मेरा चांद
ऐसे भी ना इतरा ए चांदतू अपनी खूबसूरती पर,मैंने भी तो छिपा रखा हैएक प्यारा सा चांद इस धरती पर।…
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तोर सुरता मां
तोर सुरता मां, आज होले कोन जाने अब्बड़ जनाइस ,रही रही के मोर आंखी के डबरा ल उछलत ले भराईस।…
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तीर्थ — पंचप्रायश्चित का दूसरा आयाम
१. प्रस्तावना हमारे वेद, शास्त्र और पुराण बताते हैं कि मानव जीवन केवल कर्म करने तक सीमित नहीं है, बल्कि…
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