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  • नन्हीं आँखों में

    नन्हीं आँखों में सपनों का एक संसार बसा था,कंधों पर बस्ता होना था, पर श्रम का भार रखा था। जिस…

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  • ठहर ले चलों

    एक पल बस ठहर ले चलो फिर चले,ख्वाब आँखों में भर ले चलो फिर चले।प्यार की आरती द्वार पर हो…

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  • शिक्षा और प्यार मांगते।।

    विश्व बालश्रम निषेध दिवस विशेष। भीख नहीं अधिकार मांगते,शिक्षा और बस प्यार मांगते।खुब खेलना यूं हम है चाहते,हमारे चेहरे पर…

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  • बेबसी का इज़हार

    लिखा तो हमसे कुछ जाता नहीहाल-ए-दिल बयाँ किया जाता नही प्यार तुमने गर किया थाए दिल सितम हमने भी सहा…

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  • यत्र तत्र सर्वत्र, ध्यान, मनन, चिंतन

    मनुष्य जीवन लाखों जन्म के भोगोंके बाद ही बड़े भाग्य से मिलता है,यह जीवन जीना आसान नहीं होता है,परिस्थितियों से…

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  • संशय से भरी,प्रेम निवेदन

    कोई थी.. लेकिन अभी नहिं है ,पास है, लेकिन दूर कहीं है ,कभी गलत थी, लेकिन अब सही हैमहसूस होता…

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  • बचपन और आइसक्रीम।

    बचपन की उन तपती गर्मियों में मोहब्बत का मतलब कोई बड़ा इकरार नहीं, बल्कि अपनी मैंगो आइसक्रीम का सबसे मीठा…

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  • श्रम-सुंदरी

    लाल परिधान में सजी श्रम-सुंदरी,लाल चूड़ियों की मधुर खनक लिए,कानों में झिलमिल करते कुण्डल,जीवन संघर्ष को खूबसूरती से जिए। सिर…

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  • नौतपा

    नौतपा की तपती दोपहरी,सूरज आग बरसाए रे।धरती माँ की सूनी चूनर,गरमी से लहराए रे॥ पग-पग धूप बिछी है जैसे,सोने की…

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  • ताकत का प्रकोप

    कलयुग की इस नई दुनियाँ का नया ये संस्कार हैपैसे दंभ ताकत का ही सारा घमंड अहंकार है देश दुनियाँ…

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