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  • आरजु प्यार की

    संग संग हम जी लें मर लें ,संग संग में कुछ तो कर लें ,अंतर्मन हम प्यार ये भर लें…

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  • मेरा परिचय

    उत्तराखण्ड वासी हूँ, मैं योगेश गहतोड़ी,जीवनसंगिनी शान्ती से सजी मेरी जोड़ी।देवभूमि से नब्बे के दशक में जब चला,दिल्ली में परिवार…

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  • साहित्यांजलि प्रकाशन प्रयागराज के तत्वावधान में मासिक बैठक एवं गोष्ठी संपन्न

    प्रयागराज। साहित्यांजलि प्रकाशन की मासिक पत्रिका “साहित्यांजलि-प्रभा” के उपसंपादक वरिष्ठ साहित्यकार डा•योगेन्द्र कुमार मिश्र विश्वबन्धु के नीमसंराय काॅलोनी स्थित आवास…

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  • मैं और तू

    मैं, “मैं” को छोड़कर आगे निकल गया हूँ,क्योंकि असहज थी वो—मेरे साथ चलने में। अब मेरा लौट आना शायद सम्भव…

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  • सेवा और त्याग की सार्थकता

    “सच्ची और सम्मान के लिए पैसे की नहींबल्कि सेवा और त्याग की जरूरत होती है”सेवा और त्याग, मनुष्य जीवन का…

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  • मानवधन

    दिवा है शनिदेव की ,महिमा बड़ी अपार ।दे दे लेखनी में शक्ति ,विघ्न हरो बेशुमार ।।एक कल आनेवाला ,दूजा कल…

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  • समाधि पाद

    सूत्र— ३तदा द्रष्टुः स्वरूपेऽवस्थानम् । तदा= उस समय; द्रष्टुः= द्रष्टा की; स्वरूपे= अपने रूप में अवस्थानम्= स्थिति हो जाती है…

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  • समाधि पाद

    सूत्र— २योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः । चित्त की वृत्तियों का निरोध {सर्वथा रुक जाना} योगः= योग है ।अनुवाद— चित्त की वृत्तियों का सर्वथा…

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  • पहली कविता: श्रीमद्भगवद्गीता

    कविवर सुमित्रा नंदन पन्त के अनुसार:- वियोगी होगा पहला कवि,आह से उपजा होगा गान,निकल कर आँखों से चुपचाप,बही होगी कविता…

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  • जाने से पहले

    लिख किताब पे नाम मेराकुछ,देर इंतजार कर लेते ।अकेले जवाब ढूंढने से पहलेमुझसे सवाल कर लेते ।देख बारिश की बूंदे…

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