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  • मंजिल और मुसाफ़िर

    ​सिर्फ सोचने से मंजिल के सपने सच नहीं होते,चाहे कितना भी भाग लो, ये रास्ते कम नहीं होते।हमारी ख्वाहिशों से…

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  • प्रोमिस डे,ग्यारह फरवरी

    सबकूछ तेरे नाम कियाखुशी यो का पैगाम दियासबके सामने फूल दियाप्रेम का इजहार कियामुँह मीठा को चॉकलेट खायासबो को साथ…

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  • दो परवाने

    वो कहना चाहें पर कह न सकेदर्द-ए-दिल भी सह न सकेफिर भी हवाओं को हाल-ए-दिल कह तो सके । हवाओं…

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  • एक मुलाकात

    हमारे एक मित्र नेक और शरीफआए हमारे पासकहने लगे- -हम पढ़ते हैं नित्यआप की लिखीसमाज देश और धर्म के लिए…

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  • हवेली के साये

    पंचायत की तैयारी जहाँ खुले मैदान में हो रही थी,वहीं गाँव के छोर पर खड़ी पुरानी हवेली के भीतरकुछ और…

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  • साहित्य में प्रेम और सद्भावना के प्रसंग

    साहित्य एक शब्द जिसका उपयोग लिखित और कभी-कभी बोली जाने वाली सामग्री का वर्णन करने के लिए किया जाता है।…

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  • वैवाहिक

    विवाह के पहले साल में हमने, एक नया ख्वाब बुना था,सैकड़ों की भीड़ में, मैंने बस तुम्हें चुना था।वो फेरों…

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  • मुस्कुराते रहना

    आँसूओं के सागर मे खुद के लिये मुस्कुराहट कहाँ से लाऊंकष्टों के जंजाल मे खुद के लिये राहत के दो…

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  • प्रीत प्रेम की रीत

    प्रीत प्रेम की रीत अनोखी किसको कौन सिखाए,मन से मन के तार जुड़े जब अपने आप ही आए।पवन बसंती जब…

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  • मुस्कुराते रहना है

    गम के छाएं बादल या आंधियों ने रास्ता रोका हैहिम्मत और आत्मविश्वास से भर उसे पार फिर करना है मुश्किलें…

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