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मोक्ष के पथिक सन्नाटे की देहलीज़
पहाड़ी से उठी वह कराहती आवाज़ जैसे पूरी रात को चीरती हुई गाँव के ऊपर आकर ठहर गई। लोगों ने…
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स्वर कोकिला लता मंगेशकर
“ये जो आवाज सबके तन और मन मेंसमाई हैये तो स्वर्ग कोकिला लता ने अपनी सुर लय की छटा बिखराई…
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धन का सदुपयोग – धन पंचयज्ञ
धन केवल सुख-विलास नहीं, यह है सेवा का संस्कार,धर्म, करुणा और लोकहित में, इसका हो सदुपयोग सार।धन को लक्ष्मी कहा…
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मोक्ष के पथिक परछाइयों की वो रात
रामशरण ने पूछा, “तूने कुछ देखा क्या, गंगा?”गंगाराम ने आँखें अँधेरे में टिका दीं। उसके चेहरे पर एक अजीब-सी ठंडक…
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पंचायत की सुबह
रात का भय और स्वीकृति की गूँज अभी भी गाँव के आसमान में तैर रही थी।लेकिन सुबह, जैसे किसी नई…
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मानव मन में चलता अंतर्द्वद्व।।
ईर्ष्या, मोहे नित राह भटकाता,करता अपने स्वार्थ की बात है।त्याग,प्रेम उसे पथ दिखलाता,उस पर चलना दुष्कर काज़ है।। झूठ बोलकर…
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सुविचार
प्रकृति से कुछ तय नहीं ,बिन उत्पत्ति है क्षय नहीं ।बिन गला होता लय नहीं ,बिन संघर्ष मिले जय नहीं…
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मेधावी बाल साहित्यकार कु. अनन्या शर्मा कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित।
कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन का प्रयास है – कल्पकथा परिवार प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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समाधि पाद सूत्र– ५१
तस्यापि निरोधे सर्वनिरोधान्निर्बीजा: समाधि: । तस्य= उसका; अपि= भी; निरोधे= निरोध हो जाने पर; सर्वनिरोधात्= सबका निरोध हो जाने के…
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ख्वाबों का आशियाना
आज मैंने एक ख्वाब देखा , जिसमें मैंने मेरा घर सबसे सुंदर देखा। जहां मुस्कुराती हुई मेरी मां , बंदर…
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