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वाणी की कटुता
ज्ञान ध्यान का गूढ़ रहस्यनहीं किसी को समझना है।नहीं करनी परवाह किसी कीबस मनमानी करना है। वाणी तो है तरकश…
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आ अब लौट चले गाँव की ओर।।
चलो हम अपने गाँव की ओर लौट चले,छोड़ कर शहर का मोह हम सब।त्याग गाँव को शहर से क्या लाते…
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पहली परछाई का चेहरा
चौराहे पर खड़ी वह आकृतिजैसे हवा में गढ़ी हुई कोई धुंध थी—धीमे-धीमे नज़दीक आती हुई,पर फिर भी दूर लगती हुई।लोग…
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(no title)
विषय – “सर्दी” बेदर्द,होती सर्दी,जाने सब। सर्दी में,शरद हवाएं,ले जान। बच्चों का,रखो बचाव,सर्दी में। यें बात,तुम जानों,रख बचाव। सर्दी नेक,होती…
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सहारनपुर के शिक्षक, कवि सुनील कुमार “खुराना” गांधी शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित
सामाजिक एकता मंच और उड़ान संस्था के संयुक्त संरक्षण में राष्ट्रीय एकता संवाद एवं राष्ट्र सेवा सम्मान समारोह 2025 मेरठ…
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अनाथ हवा का घर
यहाँ यतीम ज़्यादा हैं,यतीमखाने कम—दुनिया की छत भले विशाल हो,पर दिलों की चौखटें अब भी संकरी। पुराने चौराहे परएक बुझा…
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कुछ लिखतें है
अनुशासन का पालन हमे हमेशा आगे बढना है तो,लगन से निरंतर कार्य करना होगा।और बड़ों का आदर करना है तो,प्रतिदिन…
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नारी (श्रृंगार और संघर्ष)
कौन कहता है कि सिर्फश्रृंगार से ही सजती है नारियां ।चमकता पसीना माथे पर,उसके तो दमकती हैं नारियां।। कहलाई कोमलांगी…
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मेरे अनकहे ख़्वाब
रात की गोद में जो आँखें बंद हुईं,दिखे कुछ नक़्श थे, कुछ रंग थे नए।सोने के धागों से बुने हुए…
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सूरज,चाँद,तारे लेकर आयेंगे हम।।
सोनू,मोनू,चिंटु,मिंटू बालकनी में बैठे सारे,वो सब मिलकर करते हैं बाते सारे।बिलकुल नहीं किसी से कम है हम,आसमान से चाँद, तारे…
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