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मंगल मूर्ति
सिध्दिविनायक, मंगल मूर्ति,रिद्धि सिद्धि के स्वामी!अब तो सुन लो विनती मेरी,हे गणपति अंतर्यामी!! गौरी नंदन हे दुख भंजन,करो दूर दुख…
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आगरा की कथाकार मीरा परिहार मंजरी मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित
नारी जीवन संघर्ष और करुणा के चक्र से संचालित होता है – कल्पकथा परिवार प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज…
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ममता मर्यादा और मधुरता
देखो सावन नदियों से मिल,बिना रुके अविरल बहता है।सावन की उन बूँदों के लिए,कभी सावन भी तरसता है।सावन जब नदियों…
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स्नेह
विषय- माता- पिताविधा – कविता माँ की ममता की छाँव में,जीवन मेरा धन्य हो जाता है lतेरे ही आँचल की…
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आत्मीयता
सुहृदय जन सभी को मान लेते हैं स्वजनइस जग में जब तक मतलबतभी तक चेहरे पर भाव रहें …सुहृय जन…
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मौन का क्रंदन
विषय – यशोधरा का विरह तुम तो पा लोगे उजाला, पर मेरे दुःख का क्या होगा?जो बुझा गए तुम दीपक,…
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दो जून की रोटी
घर को छोड़कर जाना पड़ता है कमाने के लिए,गरीब बधुआ मजदूर लगता है जमाने के लिए।खून पसीना एक कर देता…
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कक्षा की यादों के पन्ने
कक्षा केवल चार दीवारों का नाम नहीं होती,यह सपनों की पहली उड़ान का आसमान होती।यहीं अक्षरों से परिचय और ज्ञान…
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प्रकृति और संतुलन
प्रकृति की गोद में जीवन का मधुर विस्तार,हर पत्ता, हर कण बोले संतुलन का सार।नदियाँ बहती शांत, सागर से मिल…
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षष्ठीमहोत्सव एवं राहुवेध
षष्ठीमहोत्सव एवं राहुवेध– संस्कार का प्रयोजन— जातक {बालक} के उत्पन्न होने के छठे दिन किया जाने वाला महोत्सव, षष्ठी-संस्कार कहलाता…
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