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कविता
बिखरे-बिखरे से इशारे,हर ओर नज़र आ जाते हैं,कभी दीपक की लौ बनकर,अंधेरों में राह दिखाते हैं। कभी सुबह की पहली…
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जिल्लत
जिल्लतों पर तासूर ज़िंदगी हमारी हैवो हमसे पूछतें तुम्हे क्या बिमारी है गमों मे हंसते है उन्होने हमे मौजिया समझ…
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बोलों हरे कृष्णा
दया धर्म के भाव मन में जगाए रखना।बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।इंसान से इंसानियत रखना न वैर…
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विश्व भ्रात दिवस पर अपने प्रिय निकुंजसेवी सहोदर को पत्र
प्रेषण माध्यम । परम पिता परमेश्वर नटवर नागर योगिराज श्री कृष्ण प्राण से प्रिय मेरे सहोदर, आज हृदय की प्रत्येक…
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जल जंगल बचाओ लोगो
हमारी बस्ती में आजकल,चिड़िया बहुत चहचहाय रही हैं।जो पेड़ लगाए हैं बुजुर्गों ने,फल ये पीढ़ी खाय रही हैं।। जंगल बचा…
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स्त्री की व्यथा
जीने की चाह नहीं हैहर पल मौत को बुलाती हूँ।जहर जैसी बातें सुनकरजहर को भी पचा लेती हूँ।बात कड़वी मगर…
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दुनिया मैसेज की
जिंदगी जीने का बदला सबबमोबाइल बिन नहीं जिंदगीअब तो बदल गया सबछोटा हो या बड़ा सब के हाथ में मोबाइलसरकारें…
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मन का आईना कोई काँच नहीं
मन का आईना कोई काँच नहीं,ये तो भीगी हुई एक ख़ामोश झील है,जिसमें हर एहसास लहर बनकर उठता है,और हर…
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वसुधैवक़ुटुम्बकम् की सोच
बसुधैवक़ुटुम्बकम् की सोच,बहुत ही पुरानी सी लगती है,इस विचार पर बात करना भी,बहुत ही अजीब सी लगती है। यह सारा…
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नेति नेति : चरैवेति चरैवेति
वेद, पुराण, उपनिषद सारेब्रह्माण्ड का ज्ञान बखान रहे,किंचित नेति नेति के प्रतिफल,चरैवेति चरैवेति स्वीकार रहे।धर्म से अर्थ का अर्जन कर,काम…
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