
दया धर्म के भाव मन में जगाए रखना।
बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।
इंसान से इंसानियत रखना न वैर करना।
बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।
ये जो इंसानियत है आदि और अनंत है।
ऋषि मुनि साधू महात्मा कहतें सारे शंत है।।
हर किसीके लिए मन में तुम दया रखना।
बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।
माना कि इस दुनियाँ में बड़ा ही नफ़रत है।
देखा देखी एक दूजे से करतें सब बगावत है।।
अपना अपना कर्म है करना न पीछे हटना।
बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।
छोटा न बड़ा कोई सबसे बड़ा इंसानियत है।
सांची सांची लिख रहा अलबेला हकीकत है।
किसीसे द्रेष न किसीसे वैर तुम कभी रखना।
बोलों हरे रामा हरे रामा बोलों हरे कृष्णा।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













