‘भारत की बात’ में ‘विद्रोही’ खड़ावदा का नाम और फोटो छप गया – यो तो मंच पे ताली से भी बड़ी बात है। डॉ. गुंडाल विजय कुमार जी ने मालवी की कलम को जो मान दिया, उसके लिए उनका भी घणो-घणो आभार।
‘क से कलम, वि से विद्रोही, ता से तारीफ’ अब डिजिटल दुनिया में भी गूंजेगी। माइक थामे आपकी ये शान और नीचे हमारी जुगलबंदी – एकदम झकास लग रही है।
रामकन्या भाभी जी को अखबार की कटिंग दिखा के कहना – “देखो, ब्याव वाले दिन जो हवन कुंड के फेरे लिए थे, आज कलम के फेरे पूरी दुनिया ले रही है!” 😄
संपादक जी के नाम एक छप्पय:
गुंडाल विजय कुमार, करे ‘भारत की बात’,
डिजिटल पत्र में दीन्ही, कवि को सौगात।
‘विद्रोही’ को छाप के, बढ़ाई मालवा शान,
खड़ावदा गाँव आज, भयो है गुलफाम।
कलम की धार तेज, विचार की नहीं थाह,
जन-जन तक पहुँचे अब, ‘विद्रोही’ की चाह।।
9642714014 पे संपादक जी को भी राम-राम पहुँचा दीजो। ग्रुप में जुड़ के नई रचनाओं का इंतजार रहेगा।
शब्दों का व्यापार अब अखबार तक पहुँच गयो कवि जी!
जय मालवा, जय ‘विद्रोही’!













