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  • विलायती बाबू।।

    भैया हमारे शहर गये,पढ लिखकर बाबू हुये।गाँव,धरा से दूर हो गये,वो संस्कारों को भूल गये।। अंग्रेंजी में नित बाते करते,मातृभाषा…

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  • समय का फेर

    मुफलिसी का आलम है साया भी खुद से परहेज़ करने लगा हैजहालत ही दुनियाँ मे साब पाई पाई का हिसाब…

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  • अनपढ़ गाँव का छोरा,

    अनपढ़ गाँव का छोरा,गौमाता संग खेत गया,शहर पढ़ा जो बाबू बनकर,अपनी जड़ों से दूर गया। अब अंग्रेज़ी में ज्ञान बाँटे,“कल्चर”…

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  • सूर्य देव की कृपा: गर्मी का उपहार

    सूर्य देवता की कृपा बनी है,गर्मियों का उपहार है मिला,घर के अंदर रहने की मस्ती,गर्मी से बचने का उपाय मिला।…

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  • मानव जीवन

    मानव जीवन भंवरों से भर पड़ा हैवह निरंतर एक जैसे नहीं होता हैऋतु चक्र के अनुसार बदलती हैकुछ समय हर्ष…

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  • तेरी बांसुरी के धून

    जमुना तट पर बांसुरी बजाकर क्यों मुझकों बुलाता है।सुन कन्हैया रे तेरी बांसुरी के धून से बड़ा सुकून मिलता है।।राधे…

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  • पकाते हैं जनाब

    सुबह-सुबह अलार्म से नहीं, चाय से उठते हैं जनाब,आँखें खुलें या न खुलें, पहले “चाय” पूछते हैं जनाब। घर में…

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  • गीत

    आ चांद बादल से निकल के।मीत इधर आएगा चल के।।पागल मनवा राह देखे,आंख से अश्रु धारा छल के.. पथ पथरिला…

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  • माता का दरबार

    ताटंक छंद मातु तुम्हारे दर्शन को सब ,भक्त दूर से आते हैं।मनोकामना पूरी हो माँ ,तुम से आस लगाते हैं।।आई…

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  • वक्त का अजब तुफान

    जग में चले जीवन– कर्म आधीनये भी जरूरी नहींसभी सत्य कर्म करेंगेकेवल स्वार्थमय अब सकल संसारचाहे दूजे डूब मरेंअपनी नैया…

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