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माँ का चूल्हा
माँ के जैसा कोई प्यार नहीमाँ बिन तेरे ये संसार नही चूल्हे पर बैठ बेटे के लिये खाना पकाती हैदिन…
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ग़ज़ल
राह जो काबिल बहुत है ।राह वो मुश्किल बहुत है। वो नहीं भाती किसी को,बात जो बोझिल बहुत है। रख…
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उपन्यास सम्राट प्रेमचंद : शब्दों का अमर आलोक
कुछ नाम समय की धूल में नहीं खोते,वे युगों की चेतना बनकर जीवित रहते हैं।प्रेमचंद ऐसा ही एक नाम हैं—जिनकी…
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मुंशी प्रेमचन्द जयंती विशेष
कलम के सिपाही प्रेमचंदशत शत करती हूं नमन।महक उठी जिनकी कलम सेसाहित्य- क्यारी और चमन। भारत की शोषित जनता कीपीड़ा…
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मुंशी प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद 1.मुंशी प्रेमचंद जिनका बचपन का नाम धनपतराय श्रीवास्तव था, उन रचनाकार की अद्भुत कहानी हम सुनाते हैं l2.31…
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क्रान्तिकारी सत्येंद्रनाथ बोस जयंती को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच
नागौद सतना की वरिष्ठ साहित्यकार सराेज सिंह परिहार सूरज भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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प्रेम विवाह, बालिग बेटियाँ और माता-पिता के अधिकार : बदलते समाज में संतुलन की आवश्यकता
हाल ही में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में हुई विचित्र घटना ने मेरे अंतर्मन को झकझोर दिया। जहां माता…
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मै मुसाफिर तेरे उर का
मैं मुसाफिर तेरे उर कारोक ना राह मेरा,मुझे सफर कामंजिल तक हर हाल मे पहुँचना है ,तेरे मन मंदीर मे,अब…
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कविता
मौन इसलिएमुस्कान लिए खड़ा है, मुस्कुराहट,, किसी और के हक का किरदार बन कर रह गई है, मुखोटेमुंह से असली…
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बलिदान
भारतवर्ष का वासी हूॅं मैं ,भारतवर्ष का संस्कार है ।सनातनी संत वंशज हूॅं ,हर धर्मों से हमें प्यार है ।।सनातनी…
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