
मेरा वृक्ष है मेरा परिवार
करो ना तुम स्वार्थ में संहार
माता-पिता के समान रक्षा करते
निःशुल्क प्राण वायु प्रदान कर जीवन बचाते
पेड़ पौधे होते हैं प्रकृति का अनुपम श्रृंगार
बूढ़े दादा -दादी,नाना -नानी के बैठने का ठौर
पेड़ से ही वर्षा है होती
पेड़ बचेंगे तभी तो हमारी धरती बचेगी
तभी हमारा जीवन बचेगा
पेड़ -पौधे हैं बड़ा उपकारी
पेड़ -पौधे हमारे धरती की शान है
हमारे खुशनुमा जीवन की मुस्कान है
आओ प्रतिज्ञा करें हर हाल में
पेड़ को काटने से हम बचाएंगे
पेड़ बचेंगे तभी हमारी धरती बचेगी
तभी हमारा जीवन बचेगा
आओ हम संकल्प लें प्रतिदिन लगाएं
एक पेड़ हम
जीवन को सुखी बनाएं हम
तभी हम पर्यावरण को दूषित होने से बचा सकते हैं
यह हमारे जीवन की धरोहर है
जिससे धरती लगती मनोहर है
मेरा वृक्ष है मेरा परिवार
हमें रहना है इसके संग
ना करे कोई दूजा इसे भंग
डॉ मीना कुमारी परिहार













