Uncategorized
Trending

यदि भला चाहते हो??

यदि भला चाहते हो?
तो,सचमूच मे भला करो न?
इधर उधर की बाते लाकर
हमको भ्रमित मत करो न?

जो कुछ तेरे मन मे है,
उसे हमारे पास,प्रकट करो न?
गोल गोल जिलेबी की जैसी
बातो को मत,घुमाओ न?

तु अपने को ही बुद्धिमान ना मानो न?
बुद्धि मेरे भी पास भी है,समझो न?
मुझे तो तेरी ये बुद्दिता को
चालाकी जैसा,क्यो न समझू न?

ये तो चालाकी ही है,
मुझे मत उलझाओ न?
भला के नाम पर,तुम मुझे,
इस्तेमाल मत,अब करो न?

छूट दे रखा हूँ, जो तुम्हे
ये कमजोरी मेरी,मत समझो न?
शुक्र मनाओ कि,सब्र रखा हूँ
तो,सब्र का बांध मत तोड़ो न?

नही तो,मेरे कुछ न जायेगा
तेरा विनाश तय है,ये मान लो न?
यही बात तो चुन्नू कवि समझाता है
सबको,एक जैसा बेवकूफ मत
समझो न?

सचमूच मे भला चाहते है तो
निर्मल मन से आगे आओ न?
छल,कपट,कुविचार त्याग कर
मेरे साथ बैठो न?

फिर देखना ,कितना सुन्दर संसार बनेगा?
ये खुद को भी ,सोच न पाओगे
हाथ पकड कर साथ देंगे
गिरोगे भूल से ,तो सबसे पहले आयेंगे

ये बाते ,अब तुम समझो न?
छोडो सब बाते,अब भला करो न?
साथ तेरे सदैव रहेगे,ये जानो ना
सुखी संपन्न संसार होगा,समझो ना

चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *