
गैरों से क्या हम सावधान रहेंगेःअब तो अपनों से ही डर लगता है।
क्योंकि अपनों ने ही ऐसी चाल चली है गैरों को भी सोचना पड़ता है।।
भले ही झूठ की वकालत में सारी दुनियाँ आ जाती है अदालत में।
लेकिन जब सच की कायर्वाही होता है तब सारी दुनियाँ भाग जातीं हैं अदालत से।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













