
योग है जीवन का सार,
योग बिना जीवन लाचार।
योग से जीवन निखरता है,
योग से तन-मन संवरता है।
योग है हम सबका साथी,
मन-मस्तिष्क की सच्ची थाती।
योग से जीवन स्वच्छ रहता,
हर दिन नई ऊर्जा से भरता।
योग हमें जीना सिखलाता,
कर्म और ध्यान का मार्ग बताता।
मन को सदा प्रसन्न बनाता,
जीवन को बेहतर कर जाता।
योग अपनाओ, स्वस्थ रहो,
तन-मन से सदैव प्रसन्न रहो।
योग है सुख और शांति का द्वार,
योग से जीवन बने साकार॥
रूपेश कुमार
चैनपुर, सीवान, बिहार













