
पिता का साया अगर साथ हो ,
तो होती हर मुश्किल आसान।
उनकी हर एक सीख जीवन के,
कदम-कदम पर आती काम।
रिश्तों की फुलवारी के,
वे होते सच्चे माली हैं।
उनके साथ होने से ही,
घर में खुशहाली होती है।
जीवन रथ के कठिन सफर में,
थामे रहते दृढ़ लगाम।
अपने धैर्य और अनुभव से,
देते हमको सही दिशा-ज्ञान।
सारे घर की धुरी हैं वे,
जिसपर टिका परिवार है।
पिता होते हैं घर के सारथी,
जो सही राह दिखलाते हैं।
डॉ. दीप्ति खरे
मंडला(मध्य प्रदेश)












