
कच्चे धागे का ये पक्का रिश्ता,
राखी का त्योहार कहलाता है|
सभ्यता संस्कृति का ये त्यौहार,
हर बहन के मन को भाता है |
घर परिवार में यह त्यौहार,
भर भर के खुशियाँ आता है |
बहन की रक्षा का यह संकल्प,
भाई जीवन भर ही निभाता है |
बड़े प्यार से अपनी कलाई पर,
भाई राखी बहन से बंधवाता है |
अपनी बहन को महंगा तोहफा,
भाई प्यार से बहन को देता है |
बहन खिलाती भाई को मिठाई,
भाई बड़े प्यार से मुस्कुराता है|
कच्चे धागे का यह पक्का रिश्ता,
राखी का त्योहार ये कहलाता है |
राजेंद्र कुमार वर्मा
कोटा राजस्थान












