
बहन भाई का पावन त्यौहार राखी,
चेहरा खिल उठता भैया का, बाँध राखी।
बहन अपनी रक्षा का वचन लेती,
लाज रखूँगा बहन की, जो बाँधी राखी।।
बचपन की गलियों की याद दिलाती राखी,
रूठे रिश्तों को फिर से मनाती राखी।
कच्चे धागे में प्रेम अमर होता है,
भाई-बहन का रिश्ता और सजाती राखी।।
बहना की आँखों में खुशियों के दीप जलें,
भैया के जीवन में सुख के फूल खिलें।
ईश्वर से बस इतनी-सी प्रार्थना है मेरी,
हर जन्म में भाई-बहन का साथ मिले।।
डॉ. पुष्पा पाठक छतरपुर मध्य प्रदेश












