Uncategorized
Trending

विभाजन विभीषिका दिवस पर विशेष

अखंड भारत__

सिंध,बंगं,पंजाब हमारे,
हमको पाकिस्तान चाहिए ।
बंटवारे से पहले वाला,
सारा हिंदुस्तान चाहिए ।।
छुद्र ,स्वार्थी, संघटकों ने
,हमको आपस मे लड़वाया ।
टुकड़े-टुकड़े हुए देश के,
फिर भी हमको होश न आया ।।
ताशकंद,शिमला, समझौता
, में हमने काफी कुछ खोया ।
शांति-धैर्य की अग्नि परीक्षा ,
में भी हमने कुछ_ कुछ खोया ।।
अब चेतो,संकल्प करो,
हमको खोया सम्मान चाहिए ।
बंटवारे से पहले वाला ।
सारा हिंदुस्तान चाहिए ।।

सच को सच अपनाने में,
कब तक संकोच करोगे भाई ?
आग लगाने वालों से,
ठंडक की आस करो क्यों भाई ?
जहर उगलने वालो से,
अमृत की आस करो क्यों भाई ?
निर्विवाद तथ्यों को कब तक ,
यों बदनाम करोगे भाई ?
अब ललकारो, लाल किले से,
आन चाहिए, मान चाहिए।।
बटवारे से पहले वाला,
सारा हिन्दुस्तान चाहिए।।

भारत माता के सीने मे,
बटवारे का दर्द छिपा है।
आजादी के आधे पन्नों,
मे भी इसका कष्ट लिखा है।।
अगर राष्ट्र का ऋण न उतारा,
तो बोझा बढ़ता जायेगा।
हिमगिरि सा ऊंचा गौरव भी,
नीचे को झुकता जायेगा।।
जगत गुरू के स्वर्णिम युग की,
फिर हमको पहचान चाहिए।
बटवारे से पहले वाला,
सारा हिन्दुस्तान चाहिए।।

देश द्रोह का मंत्र सिखाने,
वालो ! कुछ तो शर्म करो !
गद्दारों का साथ निभाने,
वालो ! कुछ तो शर्म करो !
ये जननी के सौदागारो !
कुछ तो मन मे शर्म करो !
आतताइयो ! चुल्लू भर,
पानी में जाकर डूब मरो !
लाल बहादुर या सुभाष सा,
नेता एक महान चाहिए।
बटवारे से पहले वाला,
सारा हिन्दुस्तान चाहिए।।

फिर कान्हा की मुरली गूंजे,
काली दह मे दुष्ट दलन हो।
जय जवान से, जय किसान से,
जय विज्ञान , ज्ञान गुंजन हो।।
ढाका, पिंडी,और कराची,
तक भारत का ध्वज लहराए।
पूरव की खड़ी, पश्चिम का
सागर,जन, गण, गान सुनाए।।
सिंधु नदी की कल_कल ध्वनि से,
गंगा का सम्मान चाहिए।
बटवारे से पहले वाला,
सारा हिन्दुस्तान चाहिए।।

डा शिव शरण श्रीवास्तव “अमल”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *